जब हम लाइफस्टाइल (Lifestyle) शब्द सुनते हैं, तो अक्सर हमारे दिमाग में यात्रा, फैशन, फिटनेस या स्वादिष्ट भोजन की तस्वीरें आती हैं। सोशल मीडिया ने लाइफस्टाइल को ग्लैमर और पसंद की आज़ादी के रूप में चित्रित किया है। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे, एक गहरा और अनदेखा सच छिपा है: लैंगिक भेदभाव (Gender Discrimination) और असमानता (Inequality)।
चाहे वह घर के भीतर हो या कार्यक्षेत्र में, समाज ने पुरुषों और महिलाओं के लिए जो भूमिकाएँ तय की हैं, वे सीधे तौर पर उनकी जीवनशैली (Lifestyle) को प्रभावित करती हैं, और अक्सर महिलाओं को असमानता की गहरी खाई में धकेल देती हैं।